टिफोला डेस्क
हांडी मटन का इतिहास 400 साल पुरानी है। ये कोई नई रेसिपी नहीं, बल्कि भारत की शाही और देसी रसोई का गहना है। इस रेसिपी का जन्म मुगल काल और राजपूताना के मिलन से हुआ। मुगलों के समय में बादशाहों के रसोइये “दस्तरख़्वान” पर गोश्त को मिट्टी की हांडी में धीमी आंच पर पकाते थे। वो इसमें दही, केसर, काजू, बादाम और ढेर सारे मसाले डालते थे। उस समय में इसे “हांडी गोश्त” कहा जाता था।
इतिहासकारों के मुताबिक बादशाह अकबर के नौ रत्नों में से एक राजा मानसिंह जब आगरा से आमेर (जयपुर) लौटे तो वो अपने साथ मुगल रसोइयों को भी ले आए। बस यहीं से मुगलिया हांडी और राजस्थानी मसालों का मिलन हुआ। तो चलिए आज अपनी रसोई में हांड़ी मटन बनाते हैं। तो सबसे पहले नोट करते हैं सामग्री -
तैयारी का समय : 15 मिनट | पकने का समय : 60-75 मिनट | सर्विंग: 4-5 लोग
हांड़ी मटन के लिए सामग्री
- ½ किलो मटन (गलौटी/रान का टुकड़ा, अच्छे से धोया हुआ)
- 4 मध्यम प्याज (बारीक कटी हुई)
- 2 बड़े चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
- 3 हरी मिर्च (कटी हुई)
- 1 तेज पत्ता
- 1 छोटी इलायची
- 1 बड़ी इलायची
- 2 साबुत लाल मिर्च
- ½ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 1 छोटी चम्मच गरम मसाला पाउडर
- 4 बड़े चम्मच सरसों का तेल (या देसी घी)
- स्वादानुसार नमक
हांड़ी मटन बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
स्टेप 1: मसाला तैयार करें
- एक बड़े बाउल में मटन लें। इसमें डालें बारीक कटी हुई सारी प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट। बारीक कटी हरी मिर्च, हल्दी, काली मिर्च पाउडर, गरम मसाला , स्वाद के हिसाब से नमक और 1 बड़ा चम्मच तेल।
- सब मिलाकर हाथों से मसल-मसल कर मिक्स करें ताकि मटन में सारे मसाले अंदर तक घुस जाएँ। इसे 10-15 मिनट रेस्ट के लिए छोड़ दें।
स्टेप 2: हांडी करे तैयार
- अब हांड़ी तैयार करने के लिए घर के लॉन में तसले या चूल्हे में कंडे जलाएँ (चाहे तो गैस पर भी कर सकते हैं, लेकिन कंडे का स्वाद अलग होता है). आग तैयार हो जाये तो मिट्टी की हांडी को चढ़ा दें।
- अब हांडी में 3 बड़े चम्मच तेल डालकर अच्छे से गर्म करें। जब तेल गरम हो जाए तो इसमें तेज पत्ता, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, साबुत लाल मिर्च डालकर 10 सेकंड भूनें। इसके बाद इसमें सारा मसाला-लगा हुआ मटन डालकर अच्छे से चलाएँ। इसके पश्चात मिट्टी की हांडी का ढक्कन बंद कर दें।
स्टेप 3: धीमी आंच पर पकाएँ मटन
- मटन पकाने के दौरान सबसे ध्यान रखने वाली बात ये है कि कंडों की आंच मध्यम रखें। आंच बहुत तेज नहीं रखना है।
- इसके अलावा बीच-बीच में 10-12 मिनट बाद ढक्कन खोलकर चम्मच से चलाते रहें ताकि नीचे न लगे।
- एक से सवा घंटे में मटन अपने पानी में ही पककर गल जाएगा।
- 1 घंटे बाद मटन का एक टुकड़ा निकालकर चेक करें। अगर पीस चम्मच से आसानी से कट जाए तो ये खाने के लिए तैयार है।
स्टेप 4: परोसें
- हांडी को आग से उतारकर सीधे टेबल पर रखें। ऊपर से थोड़ा हरा धनिया और नींबू का रस डालें।
- इसके साथ बाजरे की रोटी, रूमाली रोटी, मक्के की रोटी, बाटी, या सादा चावल के साथ गरमा-गरम परोसें।
स्वाद का क्या है राज
- मटन हांड़ी का स्वाद सबसे अलग इसलिए होता है क्योंकि मिट्टी की हांडी और कंडे का धुआँ मटन में ऐसा जादू करता है कि कोई प्रेशर कुकर इससे टक्कर नहीं ले सकता।
- इसके अलावा पहले से मटन में मसाले मिलाने से हर टुकड़ा अंदर तक मसालेदार बनता है।
बस बनाइए और खाइए – ये वो हांडी मटन है जिसे खाकर लोग उंगलियाँ चाटते रह जाते हैं!
यह भी पढ़े - कहां से आई लजीज बिरयानी, क्या है इसकी कहानी?
ये भी पढ़े : इस डिश को नहीं बनाया है तो आज ही बनाइये, खाने के बाद वाह किये बिना नहीं रह पाएंगे
ये भी पढ़े : वेज ज़िन्गी पार्सल रेसिपी (How to make Veg Zingy Parcel)
#HandiMutton #RajasthaniMutton #DesiKhana #MuttonRecipe #HandiMutton #HandiMuttonRecipe #RajasthaniMutton #DesiMutton #MuttonHandi #LaalMaas
#JungliMutton #MuttonLovers #HandiKaMutton #RajasthaniFood #MuttonCurry #DesiKhana #MuttonGravy #KandeKiHandi #MarwadiMutton #SlowCookedMutton
#MuttonMagic #GharKaMutton #SpicyMutton #MuttonWithBati #tifola #tifolafoodsurvice #tifolainindia #tifolainsingapore #tifolainaustrelia

इस पोस्ट को शेयर करें:
Comments (0)