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चार हजार साल से भी ज्यादा पुराना है नूडल्स का इतिहास (History of noodles) - Tifola Blog

चार हजार साल से भी ज्यादा पुराना है नूडल्स का इतिहास (History of noodles)

चार हजार साल से भी ज्यादा पुराना है नूडल्स का इतिहास (History of noodles)

यश्वी सिंह 

 

जो लोग खाने -पीने के शौक़ीन होते हैं उनके लिए व्यंजन सिर्फ पेट भरने की सामग्री भर नहीं होती बल्कि मनपसंद व्यंजन उनके लिए ख़ुशी होती है। आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि बच्चों को जब उनकी मनपसंद डिश मिलती है तो वो ख़ुशी से चहक उठते हैं। और जब उनका पेट भर जाता है तो उनके चेहरे पर जो सुकून का भाव आता है वो देखते बनता है। 

 

अब बच्चों की बात हो रही है तो आप सभी को पता होगा कि बच्चों की मनपसंद डिश क्या है। सही समझे आप।दो मिनट में बनने वाला नूडल्स ही अधिकांश बच्चों की मनपसंद डिश है। तो चलिए आज हम नूडल्स के बारे में जानते हैं।  जैसे- नूडल्स की हिस्ट्री  , नूडल्स का invention किस देश ने किया?  नूडल्स  किस Country का मेन कोर्स है। ये कितना हेल्दी है? और ये अपने इंडिया में कब आया? ऐसे सभी सवालों का हम जवाब हम इस आर्टिकल में ढूढेंगे। 

 

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नूडल्स को लेकर एक मजेदार वाक़या आप सबने देखा और सुना होगा।  हम अक्सर अपनी मम्मियों को बात करते हुए सुनते हैं  कि उनके बच्चे को नूडल्स बहुत पसंद है,  ये सौ फीसदी सच है लेकिन नूडल्स सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि उनके मम्मी -पापा भी बड़े चाव से खाते हैं।  शादी - पार्टी में नूडल्स के स्टॉल पर लगने वाली भीड़ से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि नूडल्स किसका पसंदीदा फ़ूड हैं। 

 

अब तो नूडल्स सबकी पसंद बन चुका है। भारत में भी लोग बहुत चाव से नूडल्स खाते हैं।  इंडिया, जो अपने तरह-तरह के खानों और मसालों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है, उस देश में ये दो मिनट में बनने वाला नूडल्स सिर्फ बच्चों के ही चेहरे पर मुस्कान नहीं बिखेरता बल्कि हजारों कामकाजी लोगों के लिए किसी Savior (सेवियर) से कम नहीं। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि नूडल्स ने किस तरह हमारे भारतीय खाने के बीच में अपनी जगह बना ली है। 

 

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लेकिन क्या  कभी आपने दिमाग में ये सवाल आया कि ये नूडल्स आये कहाँ से? मेरे दिमाग में ये  सवाल आया इसीलिए मैंने इसके बारे में  रिसर्च की । जब मुझे इसकी हिस्ट्री के बारे में पता चला तो मैं अमेज थी।  फिर सोचा आप लोगों से मुझे ये शेयर करना चाहिए।  तो क्या आप नूडल्स की कहानी सुनने के लिए तैयार है?  तैयार है तो चलिए शुरू करते हैं।  

 

नूडल्स, जो आज पूरी दुनिया में खाया जाता है , का सफ़र हमारे पड़ोसी देश चाइना  से शुरू हुआ था। नूडल्स के बारे में पहला Written records चीन के Han Dynasty (हान साम्राज्य)  की एक बुक  में मिलता है।  ये बुक 2nd century  में लिखी गई थी।उस दौर में नूडल्स गेहूं के आटे से बनाया जाता था।  Han Dynasty (हान राजवंश)  के लोगों का ये Staple food (प्रमुख भोजन)  हुआ करता था।

 

 नूडल्स को लेकर एक रिसर्च भी बहुत चर्चा में रहा था । साल  2005 में चीन के Lajiya Archaeological Site (लाजिया पुरातात्विक स्थल)  से एक bowl मिला था। इस bowl में 4000 year  पुराने नूडल्स पाए गए थे . जी हाँ चार हजार साल। इस नूडल्स को लेकर आर्कियोलॉजिस्ट्स का कहना था  कि चीन के लाजिया में एक बार भयंकर बाढ़ आने से लोग अपने-अपने घर छोड़ कर भाग गए थे। उसी दौरान किसी का नूडल्स से भरा डिब्बा वहीं रह गया होगा। ऐसा माना जाता है कि डिब्बे में वैक्यूम बनने की वजह से नूडल्स सेफ रहे। 

 

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China के इस दावे ( Claims)  पर कई Historians ने सवाल भी उठाए थे, लेकिन अधिकतर Historians  इस बात पर सहमत हैं कि नूडल्स का पहला टेस्ट china के लोगों ने ही लिया होगा। उनका मानना है कि सिल्क रूट के ज़रिये नूडल्स जापान, कोरिया और फिर टर्की तक पहुंचा था। इसके बाद वो Central Asia के Countries में भी फेमस हो गया। लेकिन  अभी भी कुछ Historians का मानना है कि नूडल्स चीन की नहीं इटली की देन हैं। उनका कहना है कि ये इटली के पास्ता से ही निकला एक फ़ूड है। नूडल्स को लेकर कई देश दावा कर चुके हैं  कि उनके यहाँ  सबसे पहले नूडल्स बना लेकिन आर्कियोलॉजिस्ट्स को दुनिया का सबसे पुराना नूडल चीन में मिला। इसलिए ये चाइना का फ़ूड माना जाता है।    

 

Noodles word  भी Western countries  में बहुत ही आम है. लेकिन चीन में Noodles को ‘Miàn’ या ‘Mein’ कहा जाता है,  क्योंकि इन्हें आटे में पानी मिलाकर बनाया जाता है, लेकिन  नूडल्स का Invention पहले किसने किया इस पर आज भी बहस जारी है।   

 

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चलिए अब जानते हैं कि हमारे इंडिया में नूडल्स कब आये।  तो आपको बता दें कि इंडिया में नूडल्स colonial period (औपनिवेशिक काल)  में आए थे। बताया जाता है कि British Era में कोलकाता के टंगरा area में कुछ Chinese merchants यहां बस गए थे। वो ही इंडिया अपने साथ नूडल्स  लेकर आए थे. इसे चाइना टाउन के नाम से आज भी जाना जाता है। यहां के काली मंदिर में आज भी नूडल्स का ही प्रसाद दिया जाता है।

 

जब हम कोई चीज खाते हैं तो सबसे पहले हमारा ध्यान जाता है कि वो कितना हेल्दी है। कभी -कभार टेस्ट के लिए अनहेल्दी खाना खाया जा सकता है लेकिन हेल्दी लाइफ के लिए रेगुलर फ़ूड हेल्दी होना चाहिए। इसलिए नूडल्स के बारे में भी जानना जरूरी हो जाता है कि इसको रेगुलर खाना हमारे लिए कितना सही है।  मतलब ये कितना हेल्दी है। तो आपको बता दें कि तमाम रिसर्च रिपोर्ट में नूडल्स को लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि एक Sentence में बोला जाए, तो यह बॉडी  के लिए हेल्दी नहीं होता है। हाँ,  ये जरूर है कि इसमें अनहेल्दी चीजों को अवॉइड करके आप इसे हेल्दी तरीके से बना सकते हैं। 

 

नूडल्स को अनहेल्दी फ़ूड की केटेगरी में इसलिए रखा गया  है , क्योंकि  ये मैदा,  चावल या फिर गेंहू के आटे से तैयार किया जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इसके साथ ही इसमें कैलोरी भी काफी ज्यादा होती है। ऐसे में इसका अधिक quantity में खाना  आपके हेल्थ के लिए अनहेल्दी होता है। हाँ, नूडल्स तभी फायदेमंद हो सकता है जब उसे घर पर हेल्दी तरीके से बनाया जाये। जैसे नूडल्स को हेल्दी बनाने के लिए इसे तैयार करने के दौरान रिफाइंड ऑयल की बजाय सरसों या फिर नारियल तेल यूज करें। सोया सॉस और अजीनोमोटा न डालें। साथ ही कम से कम नमक का यूज करें। और इसमें ढेर सारी ग्रीन वेजिटेबल डाले। 

 

सोया सॉस को लेकर बहुत सारे रिसर्च में कहाँ गया है कि ये स्वास्थ के लिए फायदेमंद नहीं है। इसमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो आपके शारीरिक कार्यों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नूडल्स को हेल्दी तरीके से बनाकर ही खाये। फिलहाल  इसके लेकर एक बात तो समझ में आता है कि नूडल्स ने अलग-अलग कंट्री  के लोगों और उनके  Culture को जोड़ने का काम किया है। आप इससे सहमत है कि नहीं। हमें कमेंट बॉक्स में बताइयेगा। 

History of noodles 

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